बरसात के दिनों में अक्सर लोग सबसे ज्यादा खरीदारी नर्सरी से फूल, फल और सजावटी पौधों की करते हैं। इस बार अन्य पौधों की तुलना में औषधीय पौधों की ब्रिकी ज्यादा हो रही है। नर्सरी संचालकों का कहना है कि औषधीय पौधे की बिक्री 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है। ज्यादातर लोग तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, एलोवेरा आदि पौधे की खरीदारी कर रहे हैं। कोरोना ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है।

कोरोना के चलते लोगों की जीवनशैली में भी कई तरह के बदलाव आए हैं। लोग इस बीमारी का तोड़ ढूंढ़ने के लिए तरह-तरह के उपाय अपनाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा रहे हैं। हाल ही में आयुष मंत्रालय और आयुर्वेद के चिकित्सक गिलोय के काढ़े आदि औषधीय पौधे को इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में लेने की सलाह दी है। इसके बाद से लोगों के औषधीय पौधों की तरफ रुझान बढ़ी है, क्योंकि ये पौधे कहीं न कहीं रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने में मददगार है। हालांकि इनके सेवन के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर्स से भी परामर्श करना जरूरी है। गिलोय, अश्वगंधा और तुलसी के पौधे अधिक बिक रहे। पिछले एक महीने से औषधीय पौधों की डिमांड बढ़ी है। पहले रोजाना चार से पांच बिकते थे, लेकिन अब ये पौधे 20-25 बिक रहे हैं। सजावटी पौधों की बिक्री अभी कम है। – जयप्रकाश सिंह, नर्सरी संचालक कचहरी

औषधीय पौधों की बिक्री में इजाफा हुआ है। आजकल लोग सजावटी पौधों से ज्यादा इसके बारे में पूछताछ और खरीदारी कर रहे हैं। फलों से संबंधित पौधे भी खूब बिक रहे हैं।

– पवन कुमार, पौधा विक्रेता कचहरी

औषधीय पौधों की कीमत :

गिलोय- 50-80, तुलसी- 20-30, स्टीविया-40-50, अश्वगंधा- 40-50, कढ़ी पता-40, एलोवेरा-40-50, आंवला- 35-45, नीम-50, हरसिंगार-50

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