झारखंड में अब बड़े वाहनों से भी बालू की ढुलाई हो सकेगी। खान सचिव के श्रीनिवासन ने बड़े वाहनों से बालू की ढुलाई पर रोक संबंधी अपने पूर्व के आदेश को वापस ले लिया है। इस आदेश के बाद परिवहन स्थल से बालू की ढुलाई हाइवा और डंपर समेत अन्य वाहनों से किया जा सकेगा। बता दें कि पहले केवल ट्रैक्टर से ही बालू को भंडारण स्थल से कहीं ले जाने की इजाजत थी।

खान सचिव ने उपायुक्तों को पत्र लिखकर बदले हुए आदेश को लागू कराने के लिए कहा है। खान सचिव की ओर से कहा गया है कि पहले दिए गए आदेश को निरस्त किया जाता है। अब बालू की ढुलाई पहले की तरह सभी तरह के नियामनुकूल वाहनों से हो सकेगी। पहले के आदेश में कतिपय कारणों से केवल ट्रैक्टर से ही बालू की ढुलाई करने का आदेश अब प्रभावी नहीं रहेगा। खान सचिव के इस आदेश से बालू कारोबारियों को राहत मिली है।

श्रमिकों को रोजगार देने के लिए लगाई गई थी रोक: बड़े वाहनों से बालू के उठाव पर रोक दो सप्ताह पहले लगाई गई थी। इसका मकसद दूसरे प्रदेशों से लौट रहे अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराना था। ताकि बालू खनन से लेकर भंडारण तक में ज्यादा से ज्यादा कम मैनुअल हो। अधिक से अधिक श्रमिक इनमें लगाएं जाएं। मशीनों या बड़े वाहनों से काम को कोरोना काल में हतोत्साहित कर बालू में श्रमिकों को रोजगार सुलभ कराने की तैयारी इसके जरिए रखी गई थी। इसी बीच निर्माण परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर काम शुरू होने के कारण बालू की ज्यादा से ज्यादा मांग होने लगी। केवल ट्रैक्टर से ढुलाई कर इस मांग को पूरा करना संभव नहीं था।

 चैंबर ऑफ कॉमर्स समेत कारोबारियों और उद्यमियों के प्रतिनिधिमंडलों ने सीएम से मुलाकात कर इस रोक के कारण हो रही समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया। साथ ही रोक हटाने की मांग की। इसके बाद खान सचिव ने यह आदेश जारी किया है। ब़डे वाहनों से ढुलाई रोकने का एक प्रमुख कारण बढ़ती कालाबाजारी पर अंकुश लगाना भी था। खान विभाग निगरानी बढ़ाकर कालाबाजारी पर नियंत्रण की कोशिश अब करेगा।

बढ़ गई थी लागत : ढुलाई केवल ट्रैक्टर से करने के आदेश की वजह से बालू की लागत काफी बढ़ गई थी। क्योंकि एक डंपर के लायक बालू को तीन-चार बार में ट्रैक्टर से ढोना पड़ रहा था। अनलॉक की प्रक्रिया के दौरान राज्य की परियोजनाओं में निर्माण कार्य अचानक बड़े पैमाने पर शुरू हुआ। इस कारण बड़ी मात्रा में बालू की जरूरत होने लगी। केवल ट्रैक्टर से ढुलाई के कारण समय पर जरूरत पूरी नहीं हो पा रही थी। इससे परियोजनाओं को गति भी नहीं मिल रही थी।

सीएम ने कहा : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि छोटे वाहनों से बालू ढुलाई की व्यवस्था से बड़े कंस्ट्रक्शन प्रभावित हो गए थे, इसलिए इस पाबंदी को हटा कर भंडार किए गए बालू का उठाव बड़े वाहनों से कराने की अनुमति दे दी गई है।  

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